प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय, उदयपुर

शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार | ग्राम - उदयपुर, हापुड़ (245201)

आवश्यक सूचना: सत्र 2026-27 के लिए प्राथमिक (कक्षा 1-5) एवं जूनियर (कक्षा 6-8) में निःशुल्क प्रवेश प्रारम्भ हो चुके हैं। कृपया बच्चों का आधार कार्ड लेकर विद्यालय आएं।
Student of the Week

🏆 Student of the Week

Moolchand Sharma

इस सप्ताह के क्विज़ में सर्वाधिक अंक (13/20) प्राप्त किये।

हमारा विद्यालय (Infrastructure)

Primary School

प्राथमिक विभाग (कक्षा 1-5)

6 वर्ष से ऊपर के बच्चों के लिए एक सुरक्षित, आनंदमयी और खेल-खेल में सीखने (Play-way) वाली व्यवस्था।

  • बुनियादी शिक्षा और संस्कार
  • आकर्षक और रंग-बिरंगी कक्षाएं
  • मुफ़्त किताबें, ड्रेस और मध्याह्न भोजन
  • 'निपुण भारत' मिशन के तहत पढ़ाई
Junior School

जूनियर विभाग (कक्षा 6-8)

11-14 वर्ष की आयु के बच्चों को आधुनिक दुनिया और प्रतियोगी भविष्य के लिए तैयार करने वाली उच्च स्तरीय शिक्षण व्यवस्था।

  • प्रोजेक्टर के साथ स्मार्ट क्लासरूम
  • विज्ञान व गणित पर विशेष ज़ोर
  • विशाल खेल का मैदान और सामग्री
  • स्वच्छ पेयजल व पृथक शौचालय

महत्वपूर्ण जानकारी (Information)

📊 विद्यालय विवरण

विद्यालय का नामउच्च प्राथमिक विद्यालय उदयपुर
स्थापना वर्ष2005
UDISE कोड09750502402
माध्यमहिन्दी (अंग्रेजी पर विशेष ध्यान)
बोर्डबेसिक शिक्षा परिषद, उ.प्र.
मानव संपदा पोर्टल (eHRMS)

👥 विद्यालय प्रबंध समिति (SMC)

SMC अध्यक्ष****
SMC सचिव****
कुल सदस्य15 (अभिभावक व प्रधान)
बैठकप्रत्येक माह

अभिभावक सहायता केंद्र (Help Desk)

📝 प्रवेश (Admission) प्रक्रिया और सही उम्र क्या है? +
कक्षा 1 से 8 तक प्रवेश बिल्कुल निःशुल्क (Free) है। कक्षा 1 में प्रवेश के लिए बच्चे की उम्र 1 अप्रैल को 6 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज़ (Documents):
1. बच्चे का आधार कार्ड
2. माता और पिता दोनों का आधार कार्ड
3. बैंक पासबुक की कॉपी (DBT के लिए)
4. बच्चे की 2 पासपोर्ट साइज फोटो
5. पूर्व विद्यालय की TC (यदि कक्षा 2 से 8 में प्रवेश लेना हो)
⏰ विद्यालय खुलने व छुट्टी का समय क्या रहता है? +
सरकारी निर्देशानुसार विद्यालय का समय इस प्रकार है:

☀️ ग्रीष्मकाल (1 अप्रैल से 30 सितंबर): सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक
❄️ शीतकाल (1 अक्टूबर से 31 मार्च): सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक

(नोट: विद्यालय शुरू होने के प्रथम 15 मिनट प्रार्थना सभा एवं योगाभ्यास होता है। रविवार और सभी राजपत्रित अवकाशों पर विद्यालय बंद रहता है।)
🍲 मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) का मेन्यू क्या है? +
सरकार द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को प्रतिदिन ताज़ा, गर्म और पौष्टिक भोजन परोसा जाता है।

उदाहरण के लिए: सोमवार को रोटी-सब्जी, मंगलवार को दाल-चावल, और बुधवार को तहरी के साथ दूध दिया जाता है। इसके अलावा बच्चों को मौसमी फल (Seasonal Fruits) भी दिए जाते हैं।
💰 ड्रेस, जूते और बैग का पैसा (DBT) कैसे मिलता है? +
विद्यालय में किताबें बिल्कुल मुफ़्त दी जाती हैं।

यूनिफॉर्म (ड्रेस), स्वेटर, जूते-मोज़े, स्कूल बैग और स्टेशनरी के लिए सरकार द्वारा 1200/- रुपये DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजे जाते हैं। यह पैसा सीधे माता या पिता के बैंक खाते में आता है।
शर्त: आपका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक (NPCI Seeded) होना अनिवार्य है।
💸 क्या विद्यालय में कोई मासिक फीस (Monthly Fee) लगती है? +
बिल्कुल नहीं। उत्तर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत, हमारे विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक की शिक्षा पूरी तरह से निःशुल्क (Free of cost) है। एडमिशन से लेकर पढ़ाई, परीक्षा और सुविधाओं तक—कोई भी छिपी हुई फीस (Hidden Charge) नहीं ली जाती है।
📚 पढ़ाई का माध्यम (Medium) हिंदी है या अंग्रेजी? +
विद्यालय में पढ़ाई का मुख्य माध्यम हिन्दी है। लेकिन 'निपुण भारत मिशन' और आधुनिक शिक्षा प्रणाली के तहत बच्चों की English Speaking और Reading पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि हमारे बच्चे किसी भी प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूल के बच्चों से पीछे न रहें।
🎨 क्या पढ़ाई के अलावा अन्य गतिविधियाँ (Activities) भी होती हैं? +
जी हाँ! बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय में नियमित रूप से खेल-कूद प्रतियोगिताएं, कला एवं क्राफ्ट (Art & Craft), सामान्य ज्ञान क्विज़ (Quiz), और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराए जाते हैं। 'स्मार्ट क्लास' के जरिए बच्चों को डिजिटल तरीके से भी सिखाया जाता है।
🤝 क्या विद्यालय में पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) होती है? +
जी हाँ, बच्चों की प्रगति (Progress), उनकी उपस्थिति (Attendance) और पढ़ाई के स्तर पर चर्चा करने के लिए विद्यालय में हर महीने अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) आयोजित की जाती है। विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) की बैठक भी हर महीने होती है जिसमें अभिभावक हिस्सा लेते हैं।
📌 मेरा बच्चा 9 साल का है और कभी स्कूल नहीं गया, तो क्या उसे कक्षा 1 में बैठना होगा? +
नहीं! RTE (शिक्षा का अधिकार) के नियमानुसार, 'आउट ऑफ स्कूल' (Out of School) बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से सीधे उसी कक्षा में प्रवेश मिलता है (जैसे 9 वर्ष के बच्चे को सीधे कक्षा 4 में)। 'शारदा अभियान' के तहत हमारे शिक्षक ऐसे बच्चों को विशेष ट्रेनिंग (Special Training) देकर बाकी बच्चों के स्तर तक ले आते हैं।
🎓 क्या कक्षा 8 के बाद आगे की पढ़ाई के लिए कोई सरकारी स्कॉलरशिप मिलती है? +
जी हाँ, और यह बहुत कम लोग जानते हैं! कक्षा 8 में पढ़ने वाले बच्चे 'राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना' (NMMS) की परीक्षा दे सकते हैं। परीक्षा पास करने पर बच्चे को कक्षा 9 से 12 तक हर महीने ₹1000 (कुल ₹48,000) मिलते हैं। हमारे शिक्षक योग्य बच्चों को इस परीक्षा की विशेष तैयारी करवाते हैं।
⚠️ DBT का पैसा न आने का सबसे बड़ा 'तकनीकी' कारण क्या है? +
अक्सर अभिभावकों को लगता है कि स्कूल ने नाम नहीं भेजा। लेकिन असल में, सरकार के 'प्रेरणा पोर्टल' पर बच्चे और माता-पिता के आधार कार्ड का मिलान (Authentication) सिर्फ 3 बार ही किया जा सकता है। अगर आपके आधार में नाम/जन्म तिथि की स्पेलिंग स्कूल के रजिस्टर से अलग है और 3 बार गलत फीड हो गई, तो आधार लॉक हो जाता है। इसीलिए हम बार-बार कहते हैं कि स्कूल में बिल्कुल वही स्पेलिंग लिखवाएं जो आधार कार्ड में है।
🏦 स्कूल के विकास के लिए आने वाले फंड में अभिभावकों का क्या रोल होता है? +
बहुत से लोगों को लगता है कि स्कूल का पैसा सिर्फ हेडमास्टर के हाथ में होता है। यह सच नहीं है। हर साल विद्यालय को 'कम्पोज़िट ग्रांट' (Composite Grant) मिलती है। यह पैसा एक जॉइंट अकाउंट में आता है, जिसमें स्कूल के हेडमास्टर और SMC अध्यक्ष (जो कि आप में से ही एक अभिभावक होता है) दोनों के हस्ताक्षर के बिना एक भी रुपया नहीं निकाला जा सकता। हर खर्च पूरी तरह पारदर्शी होता है।
♿ क्या 'दिव्यांग' (Special Needs) बच्चों के लिए कोई विशेष भत्ता मिलता है? +
जी हाँ। विभागीय 'समर्थ' (Samarth) ऐप के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को व्हीलचेयर, हियरिंग एड जैसे उपकरण निःशुल्क मिलते हैं। इसके अलावा, यदि बच्चा गंभीर रूप से दिव्यांग है और खुद स्कूल नहीं आ सकता, तो उसे स्कूल लाने वाले व्यक्ति (अभिभावक) को सरकार की तरफ से हर महीने 'एस्कॉर्ट अलाउंस' (Escort Allowance) भी दिया जाता है।
⏱️ एक अभिभावक के तौर पर मैं घर बैठे कैसे चेक करूँ कि मेरा बच्चा होशियार (निपुण) हुआ या नहीं? +
'निपुण भारत मिशन' के तहत सरकार ने बहुत ही आसान लक्ष्य तय किए हैं जो आप घर पर घड़ी देखकर जाँच सकते हैं। उदाहरण के लिए:
- कक्षा 2 का बच्चा अगर 1 मिनट में 45 शब्द सही-सही पढ़ लेता है, तो वह 'निपुण' है।
- कक्षा 3 का बच्चा अगर 1 मिनट में 60 शब्द पढ़ लेता है और 9999 तक की संख्याएं पहचान लेता है, तो वह 'निपुण' है। आप अपने बच्चे का टेस्ट आज ही लें!
🏥 क्या स्कूल में बच्चों के स्वास्थ्य की जाँच (Medical Checkup) की कोई सुविधा है? +
यह एक बहुत बड़ी सुविधा है जो प्राइवेट स्कूलों में भी नहीं मिलती! 'राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम' (RBSK) के तहत सरकारी डॉक्टरों की टीम साल में दो बार स्कूल आती है। अगर जाँच में किसी बच्चे को चश्मे की ज़रूरत होती है, तो वह फ्री मिलता है। यहाँ तक कि अगर किसी बच्चे के दिल में छेद, कटे होंठ या कोई गंभीर बीमारी निकलती है, तो सरकार निजी (Private) बड़े अस्पतालों में उसका लाखों का ऑपरेशन भी बिल्कुल मुफ़्त करवाती है।
📄 मेरे पास पिछले स्कूल की टी.सी. (T.C.) नहीं है, क्या फिर भी मेरे बच्चे का एडमिशन हो जाएगा? +
जी बिल्कुल! शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून के तहत, किसी भी बच्चे को महज़ T.C. (Transfer Certificate) न होने के कारण स्कूल में प्रवेश देने से नहीं रोका जा सकता। आप एक साधारण प्रार्थना पत्र (Application) या जन्म प्रमाण पत्र देकर भी अपने बच्चे का एडमिशन तुरंत करा सकते हैं। बाद में T.C. जमा की जा सकती है।
👧 मेरी बेटी किशोरावस्था (Adolescence) में है, स्कूल में उसकी विशेष ज़रूरतों और सुरक्षा का क्या? +
बेटियों की झिझक दूर करने और उन्हें जागरूक बनाने के लिए स्कूल में 'मीना मंच' (Meena Manch) चलाया जाता है। यहाँ हमारी महिला शिक्षिकाएं बच्चियों को 'गुड टच - बैड टच' (Good Touch - Bad Touch), माहवारी (Periods) की स्वच्छता और जीवन कौशल (Life Skills) के बारे में खुलकर बताती हैं। स्कूल में बच्चियों के लिए 'इंसिनरेटर' (पैड नष्ट करने की मशीन) और सैनिटरी पैड्स की सुविधा भी उपलब्ध रहती है।
🚀 क्या यहाँ से पढ़कर बच्चे 'नवोदय' या बड़े स्कूलों में जा सकते हैं? +
सौ प्रतिशत! हमारे शिक्षक प्रतिभावान बच्चों को कक्षा 5 में 'नवोदय विद्यालय' (JNV), 'विद्याज्ञान' (VidyaGyan) और 'अटल आवासीय विद्यालय' जैसी राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी विशेष रूप से (और बिना किसी फीस के) करवाते हैं। हर साल सरकारी स्कूलों के हज़ारों बच्चे इन परीक्षाओं को पास करके मुफ्त में बेहतरीन आवासीय शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
💡 अगर मेरे बच्चे का दिमाग विज्ञान (Science) और नई चीज़ें बनाने में तेज़ है, तो स्कूल क्या करेगा? +
भारत सरकार का 'इंस्पायर अवार्ड - मानक' (INSPIRE Award) योजना: अगर कक्षा 6 से 8 का कोई बच्चा कोई नया आइडिया या मॉडल सोचता है, तो हमारे विज्ञान शिक्षक उस आइडिया को भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड करते हैं। आइडिया सेलेक्ट होने पर बच्चे के बैंक खाते में मॉडल बनाने के लिए सीधे ₹10,000/- आते हैं। इसके बाद बच्चा ज़िला और राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकता है।
👷‍♂️ मेरे पास 'मज़दूर/श्रमिक कार्ड' (Labour Card) है, क्या मेरे बच्चे को कोई अतिरिक्त लाभ मिलेगा? +
बिल्कुल! यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है। जिन माता-पिता के पास श्रम विभाग का पंजीकृत लेबर कार्ड है, उनके बच्चों को 'संत रविदास शिक्षा सहायता योजना' के तहत साइकिल और हर महीने अतिरिक्त वजीफा (Scholarship) मिलता है। हमारे शिक्षक ऐसे बच्चों का फॉर्म श्रम विभाग के पोर्टल पर भरवाने में पूरी मदद करते हैं।
👩‍🍳 क्या माताएँ चेक कर सकती हैं कि स्कूल में बच्चों को कैसा खाना (MDM) दिया जा रहा है? +
यह आपका अधिकार है! सरकारी नियमानुसार स्कूल में 'माता समिति' (Maa Samiti) का गठन किया जाता है। गाँव की माताएँ रोस्टर के अनुसार रोज़ाना स्कूल आ सकती हैं और बच्चों को खाना परोसे जाने से पहले खुद उस खाने को चखकर (Taste करके) उसकी गुणवत्ता चेक कर सकती हैं। हमारी रसोई हमेशा आपके निरीक्षण के लिए खुली है।
📜 मेरे बच्चे का 'जन्म प्रमाण पत्र' (Birth Certificate) नहीं बना है, क्या एडमिशन रुक जाएगा? +
एडमिशन कभी नहीं रुकता! अगर आपके पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं है, तो आप अस्पताल का पर्चा, आंगनबाड़ी का रिकॉर्ड, या फिर माता-पिता द्वारा हस्ताक्षरित एक साधारण 'शपथ पत्र' (Self-Declaration) देकर भी एडमिशन करवा सकते हैं। कागज़ात की कमी के कारण किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता।
📱 मैं ट्यूशन की फीस नहीं दे सकता, क्या घर पर बच्चे की पढ़ाई के लिए कोई सरकारी ऐप है? +
आपको ट्यूशन की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है! भारत सरकार का 'दीक्षा ऐप' (DIKSHA App) एकदम मुफ़्त है। स्कूल से मिली किताबों के हर पाठ (Chapter) पर एक QR Code छपा होता है। आप अपने मोबाइल से उस QR कोड को स्कैन करें, और देश के बेहतरीन शिक्षकों के वीडियो और टेस्ट आपके फोन पर खुल जाएंगे। हमारे शिक्षक आपको इसे चलाना भी सिखाएंगे।
🚚 अगर हम गाँव छोड़कर किसी दूसरे शहर या ज़िले में शिफ्ट हो जाएँ, तो नाम कैसे कटेगा? +
अब आपको T.C. के लिए स्कूल के चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं है। उत्तर प्रदेश का पूरा बेसिक शिक्षा विभाग 'प्रेरणा पोर्टल' (Prerna Portal) से जुड़ा है। आप यूपी के किसी भी सरकारी स्कूल में जाएँ, वे पोर्टल से आपके बच्चे का डेटा ऑनलाइन 'ट्रांसफर' कर लेंगे। बच्चे का स्टूडेंट ID वही रहेगा और उसकी पुरानी पढ़ाई का कोई नुकसान नहीं होगा।
🏅 अगर मेरा बच्चा खेल-कूद में अच्छा है, तो आगे बढ़ने के क्या मौके हैं? +
सरकारी स्कूलों में हर साल 'बेसिक शिक्षा खेलकूद प्रतियोगिताएं' आयोजित की जाती हैं। हमारे स्कूल का बच्चा ब्लॉक स्तर (Block Level) से जीतकर ज़िला और फिर राज्य स्तर (State Level) तक खेलने जा सकता है। सरकार द्वारा ऐसे होनहार बच्चों को मुफ़्त स्पोर्ट्स किट, जूते और आगे की ट्रेनिंग भी प्रदान की जाती है।
👧 कक्षा 8 के बाद बेटियों की सुरक्षित पढ़ाई के लिए सरकार की क्या योजना है? +
कक्षा 8 के बाद बेटियों की पढ़ाई न छूटे, इसके लिए सरकार 'कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय' (KGBV) चलाती है। ये पूरी तरह से आवासीय (Residential) स्कूल होते हैं जहाँ केवल लड़कियाँ पढ़ती हैं और महिला टीचर ही पढ़ाती हैं। यहाँ कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई, रहना और खाना सब कुछ मुफ़्त होता है। हमारे शिक्षक बेटियों को इसके फॉर्म भरने में पूरी मदद करते हैं।
🤝 मैं एक आम अभिभावक हूँ, क्या मैं स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) का हिस्सा बन सकता हूँ? +
हाँ, और यह आपका हक़ है! SMC के 15 सदस्यों में से 11 सदस्य बच्चों के माता-पिता ही होते हैं। हर दो साल में खुली बैठक (Open Meeting) के जरिए चुनाव होता है। कोई भी अभिभावक जो स्कूल के विकास में समय देना चाहता है, वह चुनाव में खड़ा होकर अध्यक्ष या सदस्य बन सकता है और स्कूल के फैसलों में सीधी भागीदारी कर सकता है।
🚨 अगर स्कूल के बाहर या रास्ते में बच्चे को कोई परेशान करे तो क्या करें? +
सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हम बच्चों को 'चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098' और महिला हेल्पलाइन 1090 के बारे में ट्रेनिंग देते हैं। किसी भी खतरे की स्थिति में ये नंबर 24 घंटे काम करते हैं और पहचान गुप्त रखी जाती है। बच्चे इसे किसी भी मोबाइल से बिना बैलेंस के भी मिला सकते हैं।
👨‍🏫 क्या सरकारी स्कूल के शिक्षक प्राइवेट स्कूल के शिक्षकों जितने ही योग्य होते हैं? +
असल में वे कहीं ज़्यादा योग्य होते हैं! गली-मोहल्ले के प्राइवेट स्कूलों में अक्सर कम सैलरी वाले अप्रशिक्षित लोग पढ़ाते हैं। जबकि हमारे विद्यालय के हर शिक्षक ने पहले B.Ed या BTC (D.El.Ed) किया है, फिर UPTET/CTET पास किया है, और अंत में राज्य स्तर की सबसे कठिन 'सुपर टेट' (Super TET) परीक्षा पास की है। आपके बच्चे देश के सबसे बेहतरीन और प्रमाणित शिक्षकों से पढ़ रहे हैं।
📝 क्या बच्चों की परीक्षा का तरीका प्राइवेट स्कूलों जैसा ही होता है? +
हमारा तरीका प्राइवेट स्कूलों से भी एक कदम आगे है! सरकार ने 'निपुण असेसमेंट टेस्ट' (NAT) लागू किया है। इसके तहत कक्षा 1 से ही बच्चों को OMR शीट (गोलों को काला करने वाली शीट) पर परीक्षा देनी सिखाई जाती है। शिक्षक 'सरल ऐप' (Saral App) से इसे स्कैन करके तुरंत रिज़ल्ट देते हैं। इससे बच्चे बचपन से ही IAS/PCS और नवोदय जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार हो जाते हैं।
📚 क्या प्राइवेट स्कूलों की तरह यहाँ भी हर साल नई किताबें खरीदनी पड़ती हैं? +
बिल्कुल नहीं! प्राइवेट स्कूल अक्सर कमीशन के लिए हर साल पब्लिशर (Publisher) बदल देते हैं, जिससे अभिभावकों का हज़ारों का नुकसान होता है। हमारे विद्यालय में SCERT और NCERT के विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई उच्च स्तरीय और रंग-बिरंगी किताबें बिल्कुल मुफ़्त दी जाती हैं, जिन्हें हर साल खरीदने का कोई झंझट नहीं होता।
👧 मेरी बेटी है, क्या स्कूल में एडमिशन लेने पर उसे कोई विशेष सरकारी लाभ मिलेगा? +
जी हाँ! उत्तर प्रदेश सरकार की 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' के तहत बेटियों को पढ़ाई के अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता (कुल ₹15,000 से ₹25,000 तक) मिलती है। कक्षा 1 और कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर इसका लाभ सीधा खाते में आता है। हमारे शिक्षक अभिभावकों को इसका फॉर्म ऑनलाइन भरवाने में पूरा मार्गदर्शन करते हैं।
🏫 लोग कहते हैं सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग अच्छी नहीं होती, क्या यह सच है? +
यह पुरानी बात हो गई! सरकार के 'ऑपरेशन कायाकल्प' के तहत हमारा विद्यालय अब पूरी तरह से बदल चुका है। अब स्कूल में साफ़-सुथरी टाइल्स, स्वच्छ पीने का पानी (RO), बच्चों के हाथ धोने के लिए मल्टीपल हैंडवॉश यूनिट, सबमर्सिबल पंप, और लड़के-लड़कियों के लिए अलग-अलग सुंदर शौचालय उपलब्ध हैं। हमारा कैंपस किसी भी प्राइवेट स्कूल को टक्कर देता है।
💊 पढ़ाई के अलावा बच्चों की शारीरिक कमज़ोरी दूर करने के लिए स्कूल क्या करता है? +
ज़्यादातर प्राइवेट स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य की कोई ज़िम्मेदारी नहीं ली जाती। जबकि हमारे यहाँ बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए स्वास्थ्य विभाग की मदद से हर हफ़्ते आयरन-फोलिक एसिड (WIFS) की गुलाबी/नीली गोलियां दी जाती हैं, जिससे खून की कमी नहीं होती। साथ ही पेट के कीड़े मारने के लिए 'एल्बेंडाजोल' (Albendazole) की दवा भी खिलाई जाती है।
⚽ क्या बच्चों के खेलने और कहानी की किताबें पढ़ने के लिए कोई व्यवस्था है? +
हर साल सरकार स्कूल को 'स्पोर्ट्स ग्रांट' (Sports Grant) और 'लाइब्रेरी ग्रांट' (Library Grant) देती है। इससे बच्चों के लिए बैडमिंटन, फुटबॉल, कैरम बोर्ड जैसे नए खेल-खिलौने और 'नेशनल बुक ट्रस्ट' (NBT) की हज़ारों रोचक कहानियों वाली रंगीन किताबें खरीदी जाती हैं। हमारे यहाँ 'रीडिंग कॉर्नर' है जहाँ बच्चे मुफ़्त में ये किताबें पढ़ सकते हैं।
✋ क्या स्कूल में बच्चों को डंडे से मारा-पीटा जाता है? +
कदापि नहीं! यह एक दंड-मुक्त क्षेत्र है। शिक्षा का अधिकार (RTE Act) धारा 17 के तहत किसी भी बच्चे को शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित करना क़ानूनी अपराध है। हमारे शिक्षकों को बच्चों को मनोवैज्ञानिक (Psychological) तरीके से, प्यार से और गतिविधियों (Activities) के माध्यम से पढ़ाने की विशेष ट्रेनिंग दी गई है।
🍱 क्या मुझे सुबह-सुबह बच्चे के लिए टिफिन बनाकर देना ज़रूरी है? +
प्राइवेट स्कूल जाने वाले बच्चों को अक्सर ठंडा टिफिन खाना पड़ता है, जिससे पोषण कम हो जाता है। हमारे विद्यालय में 'मध्याह्न भोजन' (MDM) के तहत दोपहर में बिल्कुल गर्म, ताज़ा और मेन्यू के अनुसार पौष्टिक खाना बनता है। इससे माताओं का सुबह का समय बचता है और बच्चों को सही प्रोटीन और कैलोरी भी मिलती है।
👁️ अगर बच्चा कई दिन तक स्कूल न आए तो क्या स्कूल को कोई फ़र्क पड़ता है? +
हम आपके बच्चों की पूरी परवाह करते हैं! अगर कोई बच्चा 3 दिन से ज़्यादा अनुपस्थित (Absent) रहता है, तो हमारे शिक्षक खुद उसके घर जाकर कारण पता करते हैं। सरकार के 'प्रेरणा पोर्टल' पर बच्चों की उपस्थिति की रोज़ाना ऑनलाइन ट्रैकिंग होती है, ताकि कोई भी बच्चा पढ़ाई से न भटके।

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हमारे बच्चों के टैलेंट, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शैक्षणिक गतिविधियों के वीडियो देखें।

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